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’’ आरज़ू और इंतिज़ार ‘‘ के चार बरसों में हमें <span style='color:blue' onmouseover="return escape('<ul style=\'margin:0px; padding-left:12px;\'><li> व्याकुल होना, भय या दुख से अधिर या अशांत होना <li> सपकपाना, किंकर्तव्यविमूडढ़ होना <li> उतावली में होना <li> ऊबना, उचाट होना (हिं.क्रि.) <li> व्याकुल करना <li> भौचक्का करना <li> हड़बड़ी डालना <li> हैरान करना</ul>')">घबराना</span>